मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
नवंबर 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त
सोम, 1 नवंबर
सुबह 6:32 – सुबह 9:57
नवंबर 2027 में भूमि पूजन के 14 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 4, 5, 8, 10, 11, 12, 15, 18, 19, 22, 24, 25 और 26 नवंबर। पहला मुहूर्त सोमवार, 1 नवंबर 2027 को सुबह 6:32 – सुबह 9:57 है।
उसके बाद: गुरु, 4 नवंबर · दोपहर 3:25 – सुबह 6:35 (5 नवंबर)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
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| सुबह 6:32 | दोपहर 3:25 | सुबह 6:35 | ||||
| सुबह 6:37 | सुबह 6:39 | सुबह 6:40 | सुबह 6:40 | |||
| सुबह 7:28 | रात 1:52 | सुबह 6:46 | ||||
| रात 8:43 | सुबह 6:50 | सुबह 6:51 | सुबह 6:51 | |||
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
सोमवार, 1 नवंबर 2027
सुबह 6:32 – सुबह 9:57
- अनुराधा
- शुक्ल तृतीया (31 अक्टूबर, शाम 5:13 – 1 नवंबर, शाम 5:16)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 4 नवंबर 2027
दोपहर 3:25 – सुबह 6:35 (5 नवंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल षष्ठी (3 नवंबर, शाम 7:32 – 4 नवंबर, रात 9:38)
शुक्ल सप्तमी (4 नवंबर, रात 9:38 – 6 नवंबर, रात 12:09) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 5 नवंबर 2027
सुबह 6:35 – शाम 6:19
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल सप्तमी (4 नवंबर, रात 9:38 – 6 नवंबर, रात 12:09)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 8 नवंबर 2027
सुबह 6:37 – रात 3:14 (9 नवंबर)
- शतभिषा
- शुक्ल दशमी (8 नवंबर, सुबह 5:24 – 9 नवंबर, सुबह 7:35)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 10 नवंबर 2027
सुबह 6:39 – सुबह 6:40 (11 नवंबर)
- उत्तर भाद्रपदा
- शुक्ल एकादशी (9 नवंबर, सुबह 7:35 – 10 नवंबर, सुबह 9:11)
शुक्ल द्वादशी (10 नवंबर, सुबह 9:11 – 11 नवंबर, सुबह 10:07) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 11 नवंबर 2027
सुबह 6:40 – सुबह 6:40 (12 नवंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल द्वादशी (10 नवंबर, सुबह 9:11 – 11 नवंबर, सुबह 10:07)
शुक्ल त्रयोदशी (11 नवंबर, सुबह 10:07 – 12 नवंबर, सुबह 10:21) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 12 नवंबर 2027
सुबह 6:40 – सुबह 7:55
- रेवती
- शुक्ल त्रयोदशी (11 नवंबर, सुबह 10:07 – 12 नवंबर, सुबह 10:21)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 15 नवंबर 2027
सुबह 7:28 – सुबह 6:43 (16 नवंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- कृष्ण द्वितीया (क्षय) (15 नवंबर, सुबह 7:28 – 16 नवंबर, सुबह 5:42)
कृष्ण तृतीया (16 नवंबर, सुबह 5:42 – 17 नवंबर, रात 3:42) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 18 नवंबर 2027
रात 1:52 – सुबह 6:46 (19 नवंबर)
- पुष्य
- कृष्ण षष्ठी (18 नवंबर, रात 11:27 – 19 नवंबर, रात 9:20)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 19 नवंबर 2027
सुबह 6:46 – रात 12:27 (20 नवंबर)
- पुष्य
- कृष्ण षष्ठी (18 नवंबर, रात 11:27 – 19 नवंबर, रात 9:20)
कृष्ण सप्तमी (19 नवंबर, रात 9:20 – 20 नवंबर, शाम 7:17) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 22 नवंबर 2027
रात 8:43 – सुबह 6:49 (23 नवंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण दशमी (22 नवंबर, दोपहर 3:28 – 23 नवंबर, दोपहर 1:45)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 24 नवंबर 2027
सुबह 6:50 – सुबह 6:51 (25 नवंबर)
- हस्त, चित्रा
- कृष्ण एकादशी (23 नवंबर, दोपहर 1:45 – 24 नवंबर, दोपहर 12:11)
कृष्ण द्वादशी (24 नवंबर, दोपहर 12:11 – 25 नवंबर, सुबह 10:51) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 25 नवंबर 2027
सुबह 6:51 – सुबह 6:51 (26 नवंबर)
- चित्रा, स्वाति
- कृष्ण द्वादशी (24 नवंबर, दोपहर 12:11 – 25 नवंबर, सुबह 10:51)
कृष्ण त्रयोदशी (25 नवंबर, सुबह 10:51 – 26 नवंबर, सुबह 9:48) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 26 नवंबर 2027
सुबह 6:51 – सुबह 9:48
- स्वाति
- कृष्ण त्रयोदशी (25 नवंबर, सुबह 10:51 – 26 नवंबर, सुबह 9:48)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 2 नवंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 3 नवंबर चंद्रमा मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 6 नवंबर शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल अष्टमी और शुक्ल नवमी में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 7 नवंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 9 नवंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 13 नवंबर चंद्रमा अश्विनी और भरणी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 14 नवंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 16 नवंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 17 नवंबर चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 20 नवंबर चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 21 नवंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 23 नवंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 27 नवंबर शुभ नक्षत्र केवल अमावस्या में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 28 नवंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 29 नवंबर चंद्रमा ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 30 नवंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, मीन 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027, मिथुन 15 जून 2027 – 17 जुलाई 2027, कन्या 17 सितंबर 2027 – 18 अक्टूबर 2027 और धनु 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या नवंबर 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त है?
हाँ, 14 दिन: 1, 4, 5, 8, 10, 11, 12, 15, 18, 19, 22, 24, 25 और 26 नवंबर।
सोमवार, 1 नवंबर 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 6:32 – सुबह 9:57 — नई दिल्ली के समय अनुसार, अनुराधा नक्षत्र में।
नवंबर 2027 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
गुरुवार, 2 दिसंबर 2027 को।