मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
मई 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त
शनि, 1 मई
सुबह 5:40 – रात 1:16 (2 मई)
मई 2027 में भूमि पूजन के 13 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 3, 7, 8, 12, 15, 17, 20, 24, 26, 27, 28 और 31 मई। पहला मुहूर्त शनिवार, 1 मई 2027 को सुबह 5:40 – रात 1:16 (2 मई) है।
उसके बाद: सोम, 3 मई · सुबह 5:39 – सुबह 5:38 (4 मई)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुबह 5:40 | ||||||
| सुबह 5:39 | रात 11:42 | सुबह 5:35 | ||||
| सुबह 5:32 | दोपहर 12:00 | |||||
| सुबह 5:29 | दोपहर 1:21 | |||||
| रात 10:59 | सुबह 4:19 | सुबह 5:24 | सुबह 5:24 | |||
| सुबह 5:23 |
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
शनिवार, 1 मई 2027
सुबह 5:40 – रात 1:16 (2 मई)
- शतभिषा
- कृष्ण दशमी (30 अप्रैल, शाम 5:14 – 1 मई, शाम 6:54)
कृष्ण एकादशी (1 मई, शाम 6:54 – 2 मई, शाम 7:52) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 3 मई 2027
सुबह 5:39 – सुबह 5:38 (4 मई)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण द्वादशी (2 मई, शाम 7:52 – 3 मई, रात 8:04)
कृष्ण त्रयोदशी (3 मई, रात 8:04 – 4 मई, शाम 7:31) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 7 मई 2027
रात 11:42 – सुबह 5:35 (8 मई)
- रोहिणी
- शुक्ल द्वितीया (7 मई, दोपहर 2:14 – 8 मई, सुबह 11:43)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 8 मई 2027
सुबह 5:35 – सुबह 5:34 (9 मई)
- रोहिणी, मृगशिरा
- शुक्ल द्वितीया (7 मई, दोपहर 2:14 – 8 मई, सुबह 11:43)
शुक्ल तृतीया (8 मई, सुबह 11:43 – 9 मई, सुबह 9:03) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 12 मई 2027
सुबह 5:32 – दोपहर 2:56
- पुष्य
- शुक्ल सप्तमी (12 मई, रात 1:24 – 12 मई, रात 11:13)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 15 मई 2027
दोपहर 12:00 – सुबह 5:29 (16 मई)
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल दशमी (14 मई, शाम 7:39 – 15 मई, शाम 6:18)
शुक्ल एकादशी (15 मई, शाम 6:18 – 16 मई, शाम 5:13) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 17 मई 2027
सुबह 5:29 – सुबह 5:28 (18 मई)
- हस्त, चित्रा
- शुक्ल द्वादशी (16 मई, शाम 5:13 – 17 मई, शाम 4:28)
शुक्ल त्रयोदशी (17 मई, शाम 4:28 – 18 मई, शाम 4:04) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 20 मई 2027
दोपहर 1:21 – शाम 4:29
- अनुराधा
- पूर्णिमा (19 मई, शाम 4:03 – 20 मई, शाम 4:29)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 24 मई 2027
रात 10:59 – सुबह 5:25 (25 मई)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण पंचमी (24 मई, रात 10:59 – 26 मई, रात 1:31)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 26 मई 2027
सुबह 4:19 – सुबह 5:24 (27 मई)
- धनिष्ठा
- कृष्ण सप्तमी (27 मई, सुबह 4:05 – 28 मई, सुबह 6:26)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 27 मई 2027
सुबह 5:24 – सुबह 5:24 (28 मई)
- धनिष्ठा
- कृष्ण सप्तमी (27 मई, सुबह 4:05 – 28 मई, सुबह 6:26)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 28 मई 2027
सुबह 5:24 – सुबह 6:26
- धनिष्ठा
- कृष्ण सप्तमी (27 मई, सुबह 4:05 – 28 मई, सुबह 6:26)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 31 मई 2027
सुबह 5:23 – सुबह 5:23 (1 जून)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- कृष्ण दशमी (30 मई, सुबह 9:35 – 31 मई, सुबह 10:02)
कृष्ण एकादशी (31 मई, सुबह 10:02 – 1 जून, सुबह 9:40) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 2 मई रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 4 मई मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 5–6 मई चंद्रमा अश्विनी, भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 9 मई रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 10 मई चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 11 मई मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 13–14 मई चंद्रमा आश्लेषा, मघा और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 16 मई रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 18 मई मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 19 मई शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल चतुर्दशी में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 21 मई शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण प्रतिपदा में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 22 मई चंद्रमा ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 23 मई रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 25 मई मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 29 मई शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण अष्टमी और कृष्ण नवमी में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 30 मई रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, मीन 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027, मिथुन 15 जून 2027 – 17 जुलाई 2027, कन्या 17 सितंबर 2027 – 18 अक्टूबर 2027 और धनु 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या मई 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त है?
हाँ, 13 दिन: 1, 3, 7, 8, 12, 15, 17, 20, 24, 26, 27, 28 और 31 मई।
शनिवार, 1 मई 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 5:40 – रात 1:16 (2 मई) — नई दिल्ली के समय अनुसार, शतभिषा नक्षत्र में।
मई 2027 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
शनिवार, 5 जून 2027 को।