मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
दिसंबर 2027 में नामकरण मुहूर्त
गुरु, 2 दिसंबर
दोपहर 1:44 – सुबह 6:57 (3 दिसंबर)
दिसंबर 2027 में नामकरण के 18 शुभ मुहूर्त हैं: 2, 3, 5, 6, 8, 9, 10, 12, 13, 16, 19, 20, 22, 23, 24, 29, 30 और 31 दिसंबर। पहला मुहूर्त गुरुवार, 2 दिसंबर 2027 को दोपहर 1:44 – सुबह 6:57 (3 दिसंबर) है।
उसके बाद: शुक्र, 3 दिसंबर · सुबह 6:57 – सुबह 5:33 (4 दिसंबर)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| दोपहर 1:44 | सुबह 6:57 | |||||
| सुबह 8:41 | सुबह 6:59 | सुबह 7:00 | सुबह 7:01 | सुबह 7:02 | ||
| रात 11:55 | सुबह 7:04 | सुबह 9:13 | ||||
| रात 2:07 | सुबह 7:08 | सुबह 7:09 | सुबह 7:10 | रात 12:50 | ||
| सुबह 7:25 | सुबह 7:12 | सुबह 7:13 |
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
- शुभ
गुरुवार, 2 दिसंबर 2027
दोपहर 1:44 – सुबह 6:57 (3 दिसंबर)
- उत्तराषाढ़ा, श्रवण
- शुक्ल पंचमी (2 दिसंबर, दोपहर 1:44 – 3 दिसंबर, शाम 4:13)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 3 दिसंबर 2027
सुबह 6:57 – सुबह 5:33 (4 दिसंबर)
- श्रवण
- शुक्ल पंचमी (2 दिसंबर, दोपहर 1:44 – 3 दिसंबर, शाम 4:13)
शुक्ल षष्ठी (3 दिसंबर, शाम 4:13 – 4 दिसंबर, शाम 6:56) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 5 दिसंबर 2027
सुबह 8:41 – सुबह 6:59 (6 दिसंबर)
- शतभिषा
- शुक्ल सप्तमी (4 दिसंबर, शाम 6:56 – 5 दिसंबर, रात 9:37)
शुक्ल अष्टमी (5 दिसंबर, रात 9:37 – 7 दिसंबर, रात 12:00) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 6 दिसंबर 2027
सुबह 6:59 – सुबह 11:40
- शतभिषा
- शुक्ल अष्टमी (5 दिसंबर, रात 9:37 – 7 दिसंबर, रात 12:00)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 8 दिसंबर 2027
सुबह 7:00 – सुबह 7:01 (9 दिसंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल दशमी (8 दिसंबर, रात 1:51 – 9 दिसंबर, रात 2:59)
शुक्ल एकादशी (9 दिसंबर, रात 2:59 – 10 दिसंबर, रात 3:20) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 9 दिसंबर 2027
सुबह 7:01 – सुबह 7:02 (10 दिसंबर)
- रेवती, अश्विनी
- शुक्ल एकादशी (9 दिसंबर, रात 2:59 – 10 दिसंबर, रात 3:20)
शुक्ल द्वादशी (10 दिसंबर, रात 3:20 – 11 दिसंबर, रात 2:53) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 10 दिसंबर 2027
सुबह 7:02 – शाम 5:54
- अश्विनी
- शुक्ल द्वादशी (10 दिसंबर, रात 3:20 – 11 दिसंबर, रात 2:53)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
रविवार, 12 दिसंबर 2027
रात 11:55 – सुबह 7:04 (13 दिसंबर)
- रोहिणी
- पूर्णिमा (12 दिसंबर, रात 11:55 – 13 दिसंबर, रात 9:38)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 13 दिसंबर 2027
सुबह 7:04 – सुबह 7:05 (14 दिसंबर)
- रोहिणी, मृगशिरा
- पूर्णिमा (12 दिसंबर, रात 11:55 – 13 दिसंबर, रात 9:38)
कृष्ण प्रतिपदा (13 दिसंबर, रात 9:38 – 14 दिसंबर, शाम 7:01) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
गुरुवार, 16 दिसंबर 2027
सुबह 9:13 – दोपहर 1:22
- पुष्य
- कृष्ण तृतीया (15 दिसंबर, शाम 4:13 – 16 दिसंबर, दोपहर 1:22)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
रविवार, 19 दिसंबर 2027
रात 2:07 – सुबह 7:08 (20 दिसंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी
- कृष्ण सप्तमी (19 दिसंबर, सुबह 5:36 – 20 दिसंबर, रात 3:34)
कृष्ण अष्टमी (20 दिसंबर, रात 3:34 – 21 दिसंबर, रात 1:53) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 20 दिसंबर 2027
सुबह 7:08 – रात 1:53 (21 दिसंबर)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- कृष्ण अष्टमी (20 दिसंबर, रात 3:34 – 21 दिसंबर, रात 1:53)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 22 दिसंबर 2027
सुबह 7:09 – सुबह 7:10 (23 दिसंबर)
- चित्रा, स्वाति
- कृष्ण दशमी (22 दिसंबर, रात 12:35 – 22 दिसंबर, रात 11:41)
कृष्ण एकादशी (22 दिसंबर, रात 11:41 – 23 दिसंबर, रात 11:12) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 23 दिसंबर 2027
सुबह 7:10 – रात 12:17 (24 दिसंबर)
- स्वाति
- कृष्ण एकादशी (22 दिसंबर, रात 11:41 – 23 दिसंबर, रात 11:12)
कृष्ण द्वादशी (23 दिसंबर, रात 11:12 – 24 दिसंबर, रात 11:08) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 24 दिसंबर 2027
रात 12:50 – सुबह 7:11 (25 दिसंबर)
- अनुराधा
- कृष्ण त्रयोदशी (24 दिसंबर, रात 11:08 – 25 दिसंबर, रात 11:32)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
बुधवार, 29 दिसंबर 2027
सुबह 7:25 – सुबह 7:12 (30 दिसंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल द्वितीया (29 दिसंबर, रात 3:28 – 30 दिसंबर, सुबह 5:40)
शुक्ल तृतीया (30 दिसंबर, सुबह 5:40 – 31 दिसंबर, सुबह 8:12) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 30 दिसंबर 2027
सुबह 7:12 – सुबह 7:13 (31 दिसंबर)
- उत्तराषाढ़ा, श्रवण
- शुक्ल तृतीया (30 दिसंबर, सुबह 5:40 – 31 दिसंबर, सुबह 8:12)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 31 दिसंबर 2027
सुबह 7:13 – सुबह 8:12
- श्रवण
- शुक्ल तृतीया (30 दिसंबर, सुबह 5:40 – 31 दिसंबर, सुबह 8:12)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 दिसंबर शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल चतुर्थी में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- 4 दिसंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 7 दिसंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 11 दिसंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 14 दिसंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 15 दिसंबर चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 17 दिसंबर चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 18 दिसंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 21 दिसंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 25 दिसंबर शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 26–27 दिसंबर चंद्रमा ज्येष्ठा, मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 28 दिसंबर मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या दिसंबर 2027 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 18 दिन: 2, 3, 5, 6, 8, 9, 10, 12, 13, 16, 19, 20, 22, 23, 24, 29, 30 और 31 दिसंबर।
गुरुवार, 2 दिसंबर 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
दोपहर 1:44 – सुबह 6:57 (3 दिसंबर) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में।
दिसंबर 2027 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
2027 में इसके बाद कोई नहीं।