मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
मार्च 2027 में नामकरण मुहूर्त
बुध, 3 मार्च
रात 10:34 – सुबह 6:43 (4 मार्च)
मार्च 2027 में नामकरण के 15 शुभ मुहूर्त हैं: 3, 4, 5, 10, 11, 14, 15, 17, 18, 21, 22, 24, 25, 26 और 31 मार्च। पहला मुहूर्त बुधवार, 3 मार्च 2027 को रात 10:34 – सुबह 6:43 (4 मार्च) है।
उसके बाद: गुरु, 4 मार्च · सुबह 6:43 – सुबह 6:42 (5 मार्च)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
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| रात 10:34 | सुबह 6:43 | सुबह 6:42 | ||||
| सुबह 6:36 | सुबह 6:35 | |||||
| सुबह 10:23 | सुबह 6:31 | सुबह 5:07 | सुबह 6:27 | |||
| रात 10:07 | सुबह 6:23 | सुबह 6:20 | सुबह 6:19 | रात 8:36 | ||
| रात 10:16 |
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।
- शुभ
बुधवार, 3 मार्च 2027
रात 10:34 – सुबह 6:43 (4 मार्च)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण एकादशी (3 मार्च, सुबह 4:44 – 4 मार्च, सुबह 7:24)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 4 मार्च 2027
सुबह 6:43 – सुबह 6:42 (5 मार्च)
- उत्तराषाढ़ा, श्रवण
- कृष्ण एकादशी (3 मार्च, सुबह 4:44 – 4 मार्च, सुबह 7:24)
कृष्ण द्वादशी (4 मार्च, सुबह 7:24 – 5 मार्च, सुबह 9:54) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 5 मार्च 2027
सुबह 6:42 – सुबह 4:20 (6 मार्च)
- श्रवण
- कृष्ण द्वादशी (4 मार्च, सुबह 7:24 – 5 मार्च, सुबह 9:54)
कृष्ण त्रयोदशी (5 मार्च, सुबह 9:54 – 6 मार्च, दोपहर 12:04) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
बुधवार, 10 मार्च 2027
सुबह 6:36 – सुबह 6:35 (11 मार्च)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल द्वितीया (9 मार्च, दोपहर 3:41 – 10 मार्च, दोपहर 3:53)
शुक्ल तृतीया (10 मार्च, दोपहर 3:53 – 11 मार्च, दोपहर 3:37) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 11 मार्च 2027
सुबह 6:35 – दोपहर 3:37
- रेवती, अश्विनी
- शुक्ल तृतीया (10 मार्च, दोपहर 3:53 – 11 मार्च, दोपहर 3:37)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
रविवार, 14 मार्च 2027
सुबह 10:23 – सुबह 6:31 (15 मार्च)
- रोहिणी
- शुक्ल षष्ठी (13 मार्च, दोपहर 1:55 – 14 मार्च, दोपहर 12:32)
शुक्ल सप्तमी (14 मार्च, दोपहर 12:32 – 15 मार्च, सुबह 10:51) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 15 मार्च 2027
सुबह 6:31 – सुबह 6:30 (16 मार्च)
- रोहिणी, मृगशिरा
- शुक्ल सप्तमी (14 मार्च, दोपहर 12:32 – 15 मार्च, सुबह 10:51)
शुक्ल अष्टमी (15 मार्च, सुबह 10:51 – 16 मार्च, सुबह 8:54) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 17 मार्च 2027
सुबह 5:07 – सुबह 6:27 (18 मार्च)
- पुष्य
- शुक्ल एकादशी (18 मार्च, सुबह 4:21 – 19 मार्च, रात 1:51)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 18 मार्च 2027
सुबह 6:27 – रात 3:21 (19 मार्च)
- पुष्य
- शुक्ल एकादशी (18 मार्च, सुबह 4:21 – 19 मार्च, रात 1:51)
शुक्ल द्वादशी (19 मार्च, रात 1:51 – 19 मार्च, रात 11:17) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
रविवार, 21 मार्च 2027
रात 10:07 – सुबह 6:23 (22 मार्च)
- उत्तरा फाल्गुनी
- पूर्णिमा (21 मार्च, शाम 6:22 – 22 मार्च, शाम 4:13)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
- शुभ
सोमवार, 22 मार्च 2027
सुबह 6:23 – सुबह 6:22 (23 मार्च)
- उत्तरा फाल्गुनी, हस्त
- पूर्णिमा (21 मार्च, शाम 6:22 – 22 मार्च, शाम 4:13)
कृष्ण प्रतिपदा (22 मार्च, शाम 4:13 – 23 मार्च, दोपहर 2:28) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
- शुभ
बुधवार, 24 मार्च 2027
सुबह 6:20 – सुबह 6:19 (25 मार्च)
- चित्रा, स्वाति
- कृष्ण द्वितीया (23 मार्च, दोपहर 2:28 – 24 मार्च, दोपहर 1:14)
कृष्ण तृतीया (24 मार्च, दोपहर 1:14 – 25 मार्च, दोपहर 12:38) - नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
- शुभ
गुरुवार, 25 मार्च 2027
सुबह 6:19 – दोपहर 12:38
- स्वाति
- कृष्ण तृतीया (24 मार्च, दोपहर 1:14 – 25 मार्च, दोपहर 12:38)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
- शुभ
शुक्रवार, 26 मार्च 2027
रात 8:36 – सुबह 6:17 (27 मार्च)
- अनुराधा
- कृष्ण पंचमी (26 मार्च, दोपहर 12:43 – 27 मार्च, दोपहर 1:33)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
- शुभ
बुधवार, 31 मार्च 2027
रात 10:16 – सुबह 6:11 (1 अप्रैल)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण दशमी (31 मार्च, रात 10:16 – 2 अप्रैल, रात 12:45)
- नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 मार्च चंद्रमा ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 2 मार्च मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 6 मार्च शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 7–8 मार्च शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्दशी और अमावस्या में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- 9 मार्च मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 12 मार्च शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल चतुर्थी में पड़ता है, जो नामकरण के लिए वर्जित है।
- 13 मार्च शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 16 मार्च मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 19 मार्च चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 20 मार्च शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 23 मार्च मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 27 मार्च शनिवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 28–29 मार्च चंद्रमा ज्येष्ठा, मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी नामकरण के 14 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 30 मार्च मंगलवार — नामकरण मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
- नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या मार्च 2027 में नामकरण मुहूर्त है?
हाँ, 15 दिन: 3, 4, 5, 10, 11, 14, 15, 17, 18, 21, 22, 24, 25, 26 और 31 मार्च।
बुधवार, 3 मार्च 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
रात 10:34 – सुबह 6:43 (4 मार्च) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में।
मार्च 2027 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?
गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 को।