मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
दिसंबर 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त
गुरु, 2 दिसंबर
दोपहर 1:44 – रात 2:30 (3 दिसंबर)
दिसंबर 2027 में भूमि पूजन के 6 शुभ मुहूर्त हैं: 2, 3, 4, 8, 9 और 13 दिसंबर। पहला मुहूर्त गुरुवार, 2 दिसंबर 2027 को दोपहर 1:44 – रात 2:30 (3 दिसंबर) है।
उसके बाद: शुक्र, 3 दिसंबर · सुबह 5:33 – सुबह 6:58 (4 दिसंबर)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| दोपहर 1:44 | सुबह 5:33 | सुबह 6:58 | ||||
| सुबह 7:00 | सुबह 7:01 | |||||
| सुबह 7:04 | ||||||
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित सौर मास और अस्त का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
गुरुवार, 2 दिसंबर 2027
दोपहर 1:44 – रात 2:30 (3 दिसंबर)
- उत्तराषाढ़ा
- शुक्ल पंचमी (2 दिसंबर, दोपहर 1:44 – 3 दिसंबर, शाम 4:13)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शुक्रवार, 3 दिसंबर 2027
सुबह 5:33 – सुबह 6:58 (4 दिसंबर)
- धनिष्ठा
- शुक्ल षष्ठी (3 दिसंबर, शाम 4:13 – 4 दिसंबर, शाम 6:56)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
शनिवार, 4 दिसंबर 2027
सुबह 6:58 – सुबह 6:58 (5 दिसंबर)
- धनिष्ठा
- शुक्ल षष्ठी (3 दिसंबर, शाम 4:13 – 4 दिसंबर, शाम 6:56)
शुक्ल सप्तमी (4 दिसंबर, शाम 6:56 – 5 दिसंबर, रात 9:37) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, शनिवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
बुधवार, 8 दिसंबर 2027
सुबह 7:00 – सुबह 7:01 (9 दिसंबर)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल दशमी (8 दिसंबर, रात 1:51 – 9 दिसंबर, रात 2:59)
शुक्ल एकादशी (9 दिसंबर, रात 2:59 – 10 दिसंबर, रात 3:20) - गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, बुधवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
गुरुवार, 9 दिसंबर 2027
सुबह 7:01 – शाम 5:27
- रेवती
- शुक्ल एकादशी (9 दिसंबर, रात 2:59 – 10 दिसंबर, रात 3:20)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में
- शुभ
सोमवार, 13 दिसंबर 2027
सुबह 7:04 – रात 9:38
- रोहिणी, मृगशिरा
- पूर्णिमा (12 दिसंबर, रात 11:55 – 13 दिसंबर, रात 9:38)
- गृहारंभ का नक्षत्र और तिथि, सोमवार, सूर्य चर या स्थिर राशि में

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 दिसंबर शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल चतुर्थी में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 5 दिसंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 6 दिसंबर शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल अष्टमी में पड़ता है, जो भूमि पूजन के लिए वर्जित है।
- 7 दिसंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 10–11 दिसंबर चंद्रमा अश्विनी, भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 12 दिसंबर रविवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 14 दिसंबर मंगलवार — भूमि पूजन रविवार या मंगलवार को नहीं होता।
- 15 दिसंबर चंद्रमा आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी भूमि पूजन के 13 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 16–31 दिसंबर सूर्य 16 दिसंबर 2027 से 15 जनवरी 2028 तक धनु राशि में है।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण के गृहारंभ (निर्माण की शुरुआत) नियम। कोई बड़ा पंचांग भूमि पूजन की गणना-आधारित सूची नहीं छापता, और जो सूचियाँ चलती हैं वे आपस में मेल नहीं खातीं, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं।
- सूर्य की राशि: जब तक सूर्य चार द्विस्वभाव राशियों — मिथुन, कन्या, धनु और मीन — में से किसी में हो, तब तक नहीं (धनु 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, मीन 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027, मिथुन 15 जून 2027 – 17 जुलाई 2027, कन्या 17 सितंबर 2027 – 18 अक्टूबर 2027 और धनु 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)। धनु और मीन ही खरमास हैं।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 13 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, और पूर्णिमा। प्रतिपदा, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या नहीं।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- चातुर्मास: यहाँ नियम नहीं है। सौर मास का नियम कर्क और सिंह के सूर्य वाले महीने खुले रखता है, इसलिए बरसात में भी तारीखें हैं; जो परिवार निर्माण के लिए चातुर्मास टालते हैं वे इन्हें छोड़ दें।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: भूखंड स्वयं — पहली खुदाई कहाँ हो, जो सूर्य की राशि से तय होती है — लग्न (स्थिर लग्न उत्तम) और स्वामी की अपनी कुंडली। ये पंडित या वास्तु सलाहकार मौके पर तय करते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या दिसंबर 2027 में भूमि पूजन मुहूर्त है?
हाँ, 6 दिन: 2, 3, 4, 8, 9 और 13 दिसंबर।
गुरुवार, 2 दिसंबर 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
दोपहर 1:44 – रात 2:30 (3 दिसंबर) — नई दिल्ली के समय अनुसार, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में।
दिसंबर 2027 के बाद अगला भूमि पूजन मुहूर्त कब है?
2027 में इसके बाद कोई नहीं।