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व्रत कैलेंडर · नई दिल्ली

प्रदोष व्रत 2026: सभी 25 तिथियाँ और प्रदोष काल

अगला · प्रदोष व्रत 2026

शुक्र प्रदोष

शुक्र, 6 नवंबर

प्रदोष पूजा शाम 5:32 से शाम 7:56 तक

2026 में नई दिल्ली के लिए कुल 25 प्रदोष व्रत हैं। अगला प्रदोष व्रत — शुक्र प्रदोष — शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है; प्रदोष पूजा शाम 5:32 से शाम 7:56 तक।

उसके बाद: रवि प्रदोष — रवि, 22 नवंबर

2026 में सोम, भौम और शनि प्रदोष

  • सोम प्रदोष सोमवार, 16 मार्च 2026; सोमवार, 30 मार्च 2026; सोमवार, 10 अगस्त 2026; सोमवार, 21 दिसंबर 2026
  • भौम प्रदोष मंगलवार, 28 अप्रैल 2026; मंगलवार, 25 अगस्त 2026; मंगलवार, 8 सितंबर 2026
  • शनि प्रदोष शनिवार, 14 फरवरी 2026; शनिवार, 28 फरवरी 2026; शनिवार, 27 जून 2026

प्रदोष व्रत जनवरी 2026

  • गुरुवार, 1 जनवरी 2026 गुरु प्रदोष, शुक्ल पक्ष, पौष; प्रदोष पूजा शाम 5:35 से शाम 7:59 तक
  • शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 शुक्र प्रदोष, कृष्ण पक्ष, माघ · अमांत पौष; प्रदोष पूजा शाम 5:47 से रात 8:11 तक
  • शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 शुक्र प्रदोष, शुक्ल पक्ष, माघ; प्रदोष पूजा शाम 5:58 से रात 8:22 तक

प्रदोष व्रत फरवरी 2026

  • शनिवार, 14 फरवरी 2026 शनि प्रदोष, कृष्ण पक्ष, फाल्गुन · अमांत माघ; प्रदोष पूजा शाम 6:10 से रात 8:34 तक
  • शनिवार, 28 फरवरी 2026 शनि प्रदोष, शुक्ल पक्ष, फाल्गुन; प्रदोष पूजा रात 8:43 से रात 8:44 तक — त्रयोदशी दोनों शाम प्रदोष के मध्य बिंदु पर नहीं है; जिस शाम आरंभ होती है उसी शाम व्रत

प्रदोष व्रत मार्च 2026

  • सोमवार, 16 मार्च 2026 सोम प्रदोष, कृष्ण पक्ष, चैत्र · अमांत फाल्गुन; प्रदोष पूजा शाम 6:30 से रात 8:54 तक
  • सोमवार, 30 मार्च 2026 सोम प्रदोष, शुक्ल पक्ष, चैत्र; प्रदोष पूजा शाम 6:38 से रात 9:02 तक

प्रदोष व्रत अप्रैल 2026

  • बुधवार, 15 अप्रैल 2026 बुध प्रदोष, कृष्ण पक्ष, वैशाख · अमांत चैत्र; प्रदोष पूजा शाम 6:47 से रात 9:11 तक
  • मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 भौम प्रदोष, शुक्ल पक्ष, वैशाख; प्रदोष पूजा शाम 6:54 से रात 9:18 तक

प्रदोष व्रत मई 2026

  • गुरुवार, 14 मई 2026 गुरु प्रदोष, कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ · अमांत वैशाख; प्रदोष पूजा शाम 7:04 से रात 9:28 तक
  • गुरुवार, 28 मई 2026 गुरु प्रदोष, शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ; प्रदोष पूजा शाम 7:12 से रात 9:36 तक — अधिक मास

प्रदोष व्रत जून 2026

  • शुक्रवार, 12 जून 2026 शुक्र प्रदोष, कृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ; प्रदोष पूजा शाम 7:37 से रात 9:43 तक — अधिक मास
  • शनिवार, 27 जून 2026 शनि प्रदोष, शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ; प्रदोष पूजा शाम 7:23 से रात 9:47 तक

प्रदोष व्रत जुलाई 2026

  • रविवार, 12 जुलाई 2026 रवि प्रदोष, कृष्ण पक्ष, आषाढ़ · अमांत ज्येष्ठ; प्रदोष पूजा शाम 7:21 से रात 9:45 तक
  • रविवार, 26 जुलाई 2026 रवि प्रदोष, शुक्ल पक्ष, आषाढ़; प्रदोष पूजा शाम 7:16 से रात 9:40 तक

प्रदोष व्रत अगस्त 2026

  • सोमवार, 10 अगस्त 2026 सोम प्रदोष, कृष्ण पक्ष, श्रावण · अमांत आषाढ़; प्रदोष पूजा शाम 7:05 से रात 9:29 तक
  • मंगलवार, 25 अगस्त 2026 भौम प्रदोष, शुक्ल पक्ष, श्रावण; प्रदोष पूजा शाम 6:50 से रात 9:14 तक

प्रदोष व्रत सितंबर 2026

  • मंगलवार, 8 सितंबर 2026 भौम प्रदोष, कृष्ण पक्ष, भाद्रपद · अमांत श्रावण; प्रदोष पूजा शाम 6:35 से रात 8:59 तक
  • गुरुवार, 24 सितंबर 2026 गुरु प्रदोष, शुक्ल पक्ष, भाद्रपद; प्रदोष पूजा शाम 6:15 से रात 8:39 तक

प्रदोष व्रत अक्टूबर 2026

  • गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 गुरु प्रदोष, कृष्ण पक्ष, आश्विन · अमांत भाद्रपद; प्रदोष पूजा शाम 5:59 से रात 8:23 तक
  • शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 शुक्र प्रदोष, शुक्ल पक्ष, आश्विन; प्रदोष पूजा शाम 5:44 से रात 8:08 तक

प्रदोष व्रत नवंबर 2026

  • शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 शुक्र प्रदोष, कृष्ण पक्ष, कार्तिक · अमांत आश्विन; प्रदोष पूजा शाम 5:32 से शाम 7:56 तक
  • रविवार, 22 नवंबर 2026 रवि प्रदोष, शुक्ल पक्ष, कार्तिक; प्रदोष पूजा शाम 5:25 से शाम 7:49 तक

प्रदोष व्रत दिसंबर 2026

  • रविवार, 6 दिसंबर 2026 रवि प्रदोष, कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष · अमांत कार्तिक; प्रदोष पूजा शाम 5:24 से शाम 7:48 तक
  • सोमवार, 21 दिसंबर 2026 सोम प्रदोष, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष; प्रदोष पूजा शाम 5:37 से शाम 7:53 तक

प्रदोष व्रत 2026 की पूरी सूची

प्रदोष व्रत 2026 की पूरी सूची
तारीखनामपक्षहिंदू माह (पूर्णिमांत)तिथि आरंभतिथि समाप्तप्रदोष पूजा का समयटिप्पणी
गुरुवार, 1 जनवरी 2026गुरु प्रदोषशुक्लपौष1 जन, रात 1:481 जन, रात 10:221 जन, शाम 5:35 → शाम 7:59—
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026शुक्र प्रदोषकृष्णमाघ · अमांत पौष15 जन, रात 8:1716 जन, रात 10:2216 जन, शाम 5:47 → रात 8:11—
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026शुक्र प्रदोषशुक्लमाघ30 जन, सुबह 11:1031 जन, सुबह 8:2630 जन, शाम 5:58 → रात 8:22—
शनिवार, 14 फरवरी 2026शनि प्रदोषकृष्णफाल्गुन · अमांत माघ14 फ़र, शाम 4:0215 फ़र, शाम 5:0514 फ़र, शाम 6:10 → रात 8:34—
शनिवार, 28 फरवरी 2026शनि प्रदोषशुक्लफाल्गुन28 फ़र, रात 8:431 मार्च, शाम 7:0928 फ़र, रात 8:43 → रात 8:44त्रयोदशी दोनों शाम प्रदोष के मध्य बिंदु पर नहीं है; जिस शाम आरंभ होती है उसी शाम व्रत
सोमवार, 16 मार्च 2026सोम प्रदोषकृष्णचैत्र · अमांत फाल्गुन16 मार्च, सुबह 9:4217 मार्च, सुबह 9:2316 मार्च, शाम 6:30 → रात 8:54—
सोमवार, 30 मार्च 2026सोम प्रदोषशुक्लचैत्र30 मार्च, सुबह 7:1031 मार्च, सुबह 6:5630 मार्च, शाम 6:38 → रात 9:02—
बुधवार, 15 अप्रैल 2026बुध प्रदोषकृष्णवैशाख · अमांत चैत्र15 अप्रै, रात 12:1315 अप्रै, रात 10:3115 अप्रै, शाम 6:47 → रात 9:11—
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026भौम प्रदोषशुक्लवैशाख28 अप्रै, शाम 6:5229 अप्रै, शाम 7:5228 अप्रै, शाम 6:54 → रात 9:18—
गुरुवार, 14 मई 2026गुरु प्रदोषकृष्णज्येष्ठ · अमांत वैशाख14 मई, सुबह 11:2115 मई, सुबह 8:3214 मई, शाम 7:04 → रात 9:28—
गुरुवार, 28 मई 2026गुरु प्रदोषशुक्लअधिक ज्येष्ठ28 मई, सुबह 7:5729 मई, सुबह 9:5128 मई, शाम 7:12 → रात 9:36अधिक मास
शुक्रवार, 12 जून 2026शुक्र प्रदोषकृष्णअधिक ज्येष्ठ12 जून, शाम 7:3713 जून, शाम 4:0812 जून, शाम 7:37 → रात 9:43अधिक मास
शनिवार, 27 जून 2026शनि प्रदोषशुक्लज्येष्ठ26 जून, रात 10:2328 जून, रात 12:4427 जून, शाम 7:23 → रात 9:47—
रविवार, 12 जुलाई 2026रवि प्रदोषकृष्णआषाढ़ · अमांत ज्येष्ठ12 जुला, रात 2:0512 जुला, रात 10:3012 जुला, शाम 7:21 → रात 9:45—
रविवार, 26 जुलाई 2026रवि प्रदोषशुक्लआषाढ़26 जुला, दोपहर 1:5827 जुला, शाम 4:1526 जुला, शाम 7:16 → रात 9:40—
सोमवार, 10 अगस्त 2026सोम प्रदोषकृष्णश्रावण · अमांत आषाढ़10 अग, सुबह 8:0111 अग, सुबह 4:5510 अग, शाम 7:05 → रात 9:29—
मंगलवार, 25 अगस्त 2026भौम प्रदोषशुक्लश्रावण25 अग, सुबह 6:2126 अग, सुबह 7:5925 अग, शाम 6:50 → रात 9:14—
मंगलवार, 8 सितंबर 2026भौम प्रदोषकृष्णभाद्रपद · अमांत श्रावण8 सित, दोपहर 2:439 सित, दोपहर 12:318 सित, शाम 6:35 → रात 8:59—
गुरुवार, 24 सितंबर 2026गुरु प्रदोषशुक्लभाद्रपद23 सित, रात 10:5124 सित, रात 11:1924 सित, शाम 6:15 → रात 8:39—
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026गुरु प्रदोषकृष्णआश्विन · अमांत भाद्रपद7 अक्टू, रात 11:178 अक्टू, रात 10:168 अक्टू, शाम 5:59 → रात 8:23—
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026शुक्र प्रदोषशुक्लआश्विन23 अक्टू, दोपहर 2:3624 अक्टू, दोपहर 1:3723 अक्टू, शाम 5:44 → रात 8:08—
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026अगलीशुक्र प्रदोषकृष्णकार्तिक · अमांत आश्विन6 नव, सुबह 10:317 नव, सुबह 10:486 नव, शाम 5:32 → शाम 7:56—
रविवार, 22 नवंबर 2026रवि प्रदोषशुक्लकार्तिक22 नव, सुबह 4:5723 नव, रात 2:3722 नव, शाम 5:25 → शाम 7:49—
रविवार, 6 दिसंबर 2026रवि प्रदोषकृष्णमार्गशीर्ष · अमांत कार्तिक6 दिस, रात 12:527 दिस, रात 2:226 दिस, शाम 5:24 → शाम 7:48—
सोमवार, 21 दिसंबर 2026सोम प्रदोषशुक्लमार्गशीर्ष21 दिस, शाम 5:3722 दिस, दोपहर 2:2421 दिस, शाम 5:37 → शाम 7:53—
  • यह तालिका नई दिल्ली के लिए चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से इसी समय गणना की गई है — किसी छपे कैलेंडर से नकल नहीं की गई।
  • हर तिथि का आरंभ और समाप्ति समय दिया गया है, ताकि आप दिन स्वयं जाँच सकें।

समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। टिप्पणी के स्तंभ में उन दिनों का उल्लेख है जब सामान्य नियम से दिन अपने आप तय नहीं हुआ — जब तिथि दो दिन अपने निर्णायक समय पर रही, या किसी भी दिन नहीं — और यह भी कि इस पृष्ठ ने कौन-सा दिन लिया।

प्रदोष व्रत की तिथि कैसे तय होती है

प्रदोष व्रत दोनों पक्षों की त्रयोदशी को रखा जाता है — पर उसका दिन सूर्योदय से नहीं, शाम से तय होता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का संध्या समय है; यह पृष्ठ उसे सूर्यास्त से तीन मुहूर्त (2 घंटे 24 मिनट) मानता है और देखता है कि उसके मध्य में त्रयोदशी चल रही है या नहीं। इसीलिए प्रदोष अक्सर उस दिन से एक दिन पहले पड़ता है जिस दिन त्रयोदशी सूर्योदय पर होती है। जब त्रयोदशी दो शाम प्रदोष काल में हो, तो व्रत दूसरी शाम दिया गया है, जब वह सूर्यास्त से ही चल रही हो; जब वह दोनों शाम मध्य बिंदु पर न हो, तो व्रत उस शाम रखा जाता है जिस शाम वह आरंभ होती है। हर प्रदोष का नाम उसके वार से है; सोम, भौम (मंगल) और शनि प्रदोष का विशेष महत्व माना जाता है। दिया गया पूजा समय प्रदोष काल का वही भाग है जिसमें त्रयोदशी सचमुच चल रही हो, इसलिए वह 2 घंटे 24 मिनट से छोटा भी हो सकता है।

प्रदोष व्रत 2026: सामान्य प्रश्न

2026 में प्रदोष व्रत कब है?

2026 में नई दिल्ली के लिए 25 तिथियाँ हैं — पूरी सूची ऊपर तालिका में है। अगली: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 — शुक्र प्रदोष; प्रदोष पूजा शाम 5:32 से शाम 7:56 तक।

2026 में कितने प्रदोष व्रत हैं?

25 — शुक्ल पक्ष में 13 और कृष्ण पक्ष में 12। संख्या हर वर्ष बदलती है, क्योंकि बारह चंद्रमास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे हैं और अधिक मास का वर्ष दो और जोड़ देता है।

सोम प्रदोष 2026 कब है?

सोमवार, 16 मार्च 2026; सोमवार, 30 मार्च 2026; सोमवार, 10 अगस्त 2026; सोमवार, 21 दिसंबर 2026।

शनि प्रदोष 2026 कब है?

शनिवार, 14 फरवरी 2026; शनिवार, 28 फरवरी 2026; शनिवार, 27 जून 2026।

प्रदोष काल क्या है?

सूर्यास्त के बाद का संध्या समय, जिसे यहाँ सूर्यास्त से तीन मुहूर्त (2 घंटे 24 मिनट) माना गया है। व्रत उस दिन होता है जिस दिन इसके मध्य में त्रयोदशी चल रही हो, और पूजा का समय इसी काल का वह भाग है जिसमें त्रयोदशी हो।

प्रदोष त्रयोदशी से एक दिन पहले क्यों पड़ता है?

क्योंकि प्रदोष शाम से तय होता है, सूर्योदय से नहीं। त्रयोदशी अक्सर दोपहर या शाम को आरंभ होती है, इसलिए उस शाम प्रदोष में वही चल रही होती है, जबकि सूर्योदय वाला पंचांग अगले दिन को त्रयोदशी कहता है।

क्या प्रदोष व्रत पूरे भारत में एक ही दिन होता है?

हमेशा नहीं। दिन सूर्योदय, सूर्यास्त या चंद्रोदय से तय होता है, और ये तीनों शहर के अनुसार बदलते हैं — इसलिए नई दिल्ली और किसी दूर के शहर में दिन भी अलग हो सकता है। ऊपर शहर बदलकर पूरी तालिका फिर से गणना होती है।