शुभ रंग
लाल
वृश्चिक के स्वामी मंगल का रंग; यह राशि से तय होता है, इसलिए कभी नहीं बदलता।

वृश्चिक · Scorpio
26 अक्टूबर–1 नवंबर 2026: इस सप्ताह वृश्चिक राशि का औसत गोचर सूचकांक 4.3/10 है — मिश्रित, सावधानी का झुकाव। शुभ दिन: बुधवार, 28 अक्टूबर। सावधानी के दिन: शुक्र 30–शनि 31। सप्ताह का बड़ा गोचर: शनिवार, 31 अक्टूबर को गुरु सिंह राशि में — आपका दसवाँ भाव, प्रतिकूल।
सूचकांक सातों दिनों के गोचर सूचकांकों का औसत है: पारंपरिक गोचर संकेतों पर स्वर्ण सिद्धि की भार-पद्धति; यह किसी घटना की संभावना या परिणाम का अंक नहीं है।
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इस सप्ताह काम धैर्य माँगता है: वरिष्ठों से विवाद न छेड़ें, अपने काम की गुणवत्ता को साख बचाने दें और दबाव में जल्दबाज़ी के क़दम न उठाएँ।
सूर्य तुला राशि में, आपके बारहवें भाव में (पूरे सप्ताह): बारहवें भाव — व्यय और एकांत — में सूर्य प्रतिकूल है। परंपरा अधिक खर्च, यात्रा और काम में कम दिखाई देने की बात करती है; प्रतिबद्धताएँ व्यावहारिक रखें।
किस आधार पर: सूर्य बारहवाँ (प्रतिकूल); शनि पाँचवाँ (प्रतिकूल); मंगल नौवाँ (प्रतिकूल); बुध बारहवाँ (प्रतिकूल); गुरु नौवाँ (अनुकूल) → दसवाँ (प्रतिकूल)।
इस सप्ताह धन स्थिर रखें: बड़े खर्च किसी साफ़ समय के लिए रोकें और छोटे रिसाव ठीक करें — बकाया, सब्सक्रिप्शन, भूले हुए बिल।
बुध तुला राशि में, आपके बारहवें भाव में (पूरे सप्ताह): बारहवें भाव में बुध प्रतिकूल है। परंपरा खर्च और लापरवाही से होने वाले नुकसान की बात करती है; हिसाब-किताब कसा हुआ रखें।
किस आधार पर: गुरु नौवाँ (अनुकूल) → दसवाँ (प्रतिकूल); बुध बारहवाँ (प्रतिकूल); शुक्र बारहवाँ (अनुकूल); शनि पाँचवाँ (प्रतिकूल)।
इस सप्ताह बड़े इशारों से ज़्यादा स्थिर ध्यान काम आता है: बोलने से ज़्यादा सुनें और पुराने चुभते मुद्दों से दूर रहें।
शुक्र तुला राशि में, आपके बारहवें भाव में (पूरे सप्ताह): बारहवाँ भाव शुक्र के लिए अनुकूल है, यद्यपि यह व्यय का भाव है। परंपरा इसे सुख और आनंद से जोड़ती है — जिनका आनंद भी मिलता है और ख़र्च भी होता है।
किस आधार पर: शुक्र बारहवाँ (अनुकूल); मंगल नौवाँ (प्रतिकूल); गुरु नौवाँ (अनुकूल) → दसवाँ (प्रतिकूल); और चंद्रमा, दिन-ब-दिन, ऊपर की तालिका में।
इस सप्ताह अपने प्रति नरम रहें: मेहनत कम करें, नींद बचाएँ, सादा खाएँ और थकान के शुरुआती संकेतों को सुनें — और जो भी चिंता दे, उसके लिए डॉक्टर से मिलें।
मंगल कर्क राशि में, आपके नौवें भाव में (पूरे सप्ताह): नौवें भाव में मंगल प्रतिकूल है। परंपरा कम ऊर्जा और बड़ों से खटपट की बात करती है; अपनी रफ़्तार सँभालकर चलें।
किस आधार पर: सूर्य बारहवाँ (प्रतिकूल); मंगल नौवाँ (प्रतिकूल); शनि पाँचवाँ (प्रतिकूल); राहु चौथा (प्रतिकूल); केतु दसवाँ (सामान्य); और चंद्रमा, दिन-ब-दिन, ऊपर की तालिका में।
शुभ दिन: बुधवार, 28 अक्टूबर। सावधानी के दिन: शुक्र 30–शनि 31।
| दिन | आपके लिए | सूचकांक | चंद्रमा (भाव) | नक्षत्र · तारा |
|---|---|---|---|---|
| सोम 26 अक्टूबर | — | 5.2/10 | मेष · छठा (अनुकूल) | अश्विनी · विपत (प्रतिकूल) |
| मंगल 27 अक्टूबरआज | — | 5.3/10 | मेष · छठा (अनुकूल) | कृत्तिका · प्रत्यरि (प्रतिकूल) |
| बुध 28 अक्टूबर | शुभ दिन | 5.9/10 | वृषभ · सातवाँ (अनुकूल) | रोहिणी · साधक (अनुकूल) |
| गुरु 29 अक्टूबर | — | 5.3/10 | वृषभ · सातवाँ (अनुकूल) | मृगशिरा · नैधन (प्रतिकूल) |
| शुक्र 30 अक्टूबर | चंद्राष्टम | 4.5/10 | मिथुन · आठवाँ (प्रतिकूल) | आर्द्रा · मित्र (अनुकूल) |
| शनि 31 अक्टूबर | चंद्राष्टम | 1.8/10 | मिथुन · आठवाँ (प्रतिकूल) | पुनर्वसु · परम मित्र (अनुकूल) |
| रवि 1 नवंबर | — | 1.9/10 | कर्क · नौवाँ (सामान्य) | पुष्य · जन्म (प्रतिकूल) |
चंद्राष्टम — चंद्रमा वृश्चिक से आठवीं राशि मिथुन में: गुरु 29 अक्टूबर, रात 10:07 – रवि 1 नवंबर, रात 12:01।
इस अवधि का हर राशि-परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना, ग्रहण और त्योहार, भारतीय समय की तारीख़ के साथ — और आपकी चंद्र राशि से वह किस भाव में पड़ता है।
गुरु, शनि, राहु और केतु इतने धीमे चलते हैं कि एक सप्ताह में कम ही बदलते हैं; ऊपर का हर दिन इन्हीं की पृष्ठभूमि पर पढ़ा जाता है। वृश्चिक से इनका भाव और गोचर फल:
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इस सप्ताह वृश्चिक पर सबसे भारी शनि है: दिनों में उसका गोचर योगदान औसतन -1.05 है (भाव पाँचवाँ)। शनि का पारंपरिक मुफ़्त उपाय:
ये मन को स्थिर रखने के पारंपरिक अभ्यास हैं, चिंतन के लिए; ये चिकित्सीय, क़ानूनी या आर्थिक सहायता की जगह नहीं लेते।
लाल
वृश्चिक के स्वामी मंगल का रंग; यह राशि से तय होता है, इसलिए कभी नहीं बदलता।
मंगलवार: 27 अक्टूबर
मंगल का दिन; यह भी राशि-स्वामी से तय है और हर सप्ताह वही रहता है।
शुभ अंक तारीख़ के अंकों का योग है और रोज़ बदलता है, इसलिए वह दैनिक राशिफल पर है: आज का वृश्चिक राशिफल.
शुभ दिन: बुधवार, 28 अक्टूबर। सावधानी के दिन: शुक्र 30–शनि 31। शुभ दिन वह है जब चंद्रमा वृश्चिक से उस भाव में हो जिसे गोचर-तालिका अनुकूल गिनती है (पहला, तीसरा, छठा, सातवाँ, दसवाँ या ग्यारहवाँ) और तारा भी अनुकूल हो; अधिक से अधिक 3 दिन, ऊँचे सूचकांक से। सावधानी का दिन वह है जब चंद्रमा चौथे, आठवें या बारहवें भाव में हो — आठवाँ चंद्राष्टम है। हर दिन भारतीय समय शाम 5:30 की स्थिति से पढ़ा जाता है, वही क्षण जो दैनिक राशिफल लेता है।
चंद्राष्टम — चंद्रमा वृश्चिक से आठवीं राशि मिथुन में: गुरु 29 अक्टूबर, रात 10:07 – रवि 1 नवंबर, रात 12:01।
शनिवार, 31 अक्टूबर को गुरु सिंह में।
चंद्र राशि से। वृश्चिक राशि का अर्थ है कि आपके जन्म के समय चंद्रमा निरयन राशि चक्र में वृश्चिक में था। यह अक्सर अंग्रेज़ी अख़बारों वाली सूर्य राशि से अलग होती है; निःशुल्क कुंडली एक मिनट में बता देती है।
हर सोमवार भारतीय समय आधी रात को; शुक्रवार शाम 6 बजे से इसमें अगले सप्ताह का फल भी रहता है।