पंचक की तारीखें
पंचक 2026: सभी तारीखें, शुरू और ख़त्म होने का समय
मंगल, 17 नवंबर
दोपहर 3:30 → रविवार, 22 नवंबर 2026, सुबह 5:55
2026 में 13 पंचक हैं — हर बार जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि से, यानी धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक, गुज़रता है। अगला पंचक मंगलवार, 17 नवंबर 2026, दोपहर 3:30 से रविवार, 22 नवंबर 2026, सुबह 5:55 तक है।
उसके बाद: सोम, 14 दिसंबर — रात 10:35
समय भारतीय मानक समय में हैं, और ये क्षण पूरे भारत में एक ही हैं: पंचक चंद्रमा की स्थिति है, किसी शहर का सूर्योदय नहीं।
| क्रम | शुरू | समाप्त | प्रकार |
|---|---|---|---|
| 1 | बुधवार, 21 जनवरी 2026, रात 1:35 | रविवार, 25 जनवरी 2026, दोपहर 1:35 | — |
| 2 | मंगलवार, 17 फरवरी 2026, सुबह 9:05 | शनिवार, 21 फरवरी 2026, शाम 7:07 | अग्नि पंचक |
| 3 | सोमवार, 16 मार्च 2026, शाम 6:14 | शनिवार, 21 मार्च 2026, रात 2:27 | राज पंचक |
| 4 | सोमवार, 13 अप्रैल 2026, रात 3:44 | शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026, दोपहर 12:02 | राज पंचक |
| 5 | रविवार, 10 मई 2026, दोपहर 12:13 | गुरुवार, 14 मई 2026, रात 10:34 | रोग पंचक |
| 6 | शनिवार, 6 जून 2026, शाम 7:03 | गुरुवार, 11 जून 2026, सुबह 8:16 | मृत्यु पंचक |
| 7 | शनिवार, 4 जुलाई 2026, रात 12:48 | बुधवार, 8 जुलाई 2026, शाम 4:00 | मृत्यु पंचक |
| 8 | शुक्रवार, 31 जुलाई 2026, सुबह 6:38 | मंगलवार, 4 अगस्त 2026, रात 9:54 | चोर पंचक |
| 9 | गुरुवार, 27 अगस्त 2026, दोपहर 1:35 | मंगलवार, 1 सितंबर 2026, रात 3:24 | — |
| 10 | बुधवार, 23 सितंबर 2026, रात 9:57 | सोमवार, 28 सितंबर 2026, सुबह 10:16 | — |
| 11 | बुधवार, 21 अक्टूबर 2026, सुबह 7:00 | रविवार, 25 अक्टूबर 2026, शाम 7:22 | — |
| 12 | मंगलवार, 17 नवंबर 2026, दोपहर 3:30 | रविवार, 22 नवंबर 2026, सुबह 5:55 | अग्नि पंचक |
| 13 | सोमवार, 14 दिसंबर 2026, रात 10:35 | शनिवार, 19 दिसंबर 2026, दोपहर 3:58 | राज पंचक |
पंचक — 'पाँच' — वह अवधि है जिसमें चंद्रमा आख़िरी पाँच नक्षत्रों से गुज़रता है: धनिष्ठा का उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती। निरयन राशिचक्र में यह 300° से 360° है, यानी कुंभ और मीन राशि, और चंद्रमा इसे लगभग साढ़े चार दिन में पार करता है। मुहूर्त ग्रंथ इस दौरान परंपरा से टाले जाने वाले काम गिनाते हैं: लकड़ी या घास इकट्ठा करना, छत डालना, खाट बनाना और दक्षिण की यात्रा; पंचक में मृत्यु होने पर एक विशेष विधि की जाती है। बाकी काम सामान्य रूप से चलते हैं।
पंचांग पंचक का नाम उस वार से रखते हैं जिस दिन वह शुरू होता है: रोग पंचक (रविवार), राज पंचक (सोमवार), अग्नि पंचक (मंगलवार), चोर पंचक (शुक्रवार) और मृत्यु पंचक (शनिवार)। बुधवार या गुरुवार को शुरू होने वाले पंचक का अलग नाम नहीं होता। नाम परंपरा है; ऊपर की तारीखें खगोल।
पंचक 2026 — सामान्य प्रश्न
2026 में पंचक कब है?
2026 में 13 पंचक हैं; ऊपर की तालिका में हर एक का शुरू और समाप्त होने का समय दिया है।
अगला पंचक कब है?
मंगलवार, 17 नवंबर 2026, दोपहर 3:30 से रविवार, 22 नवंबर 2026, सुबह 5:55 तक।
पंचक किन नक्षत्रों से बनता है?
धनिष्ठा का उत्तरार्ध, फिर शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती — यानी चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में।
पंचक कितने दिन रहता है?
लगभग साढ़े चार दिन — जितना समय चंद्रमा राशिचक्र के 60° पार करने में लेता है, जो उसकी गति से बदलता है; 2026 का पहला पंचक 108 घंटे का है।