मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
मार्च 2027 में सगाई मुहूर्त
सोम, 1 मार्च
रात 11:11 – सुबह 6:45 (2 मार्च)
मार्च 2027 में सगाई के 6 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 3, 4, 10, 11 और 14 मार्च। पहला मुहूर्त सोमवार, 1 मार्च 2027 को रात 11:11 – सुबह 6:45 (2 मार्च) है।
उसके बाद: बुध, 3 मार्च · रात 1:06 – सुबह 6:43 (4 मार्च)
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| रात 11:11 | रात 1:06 | सुबह 6:43 | ||||
| सुबह 6:36 | सुबह 6:35 | |||||
| शाम 5:10 | ||||||
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 1 मार्च 2027
रात 11:11 – सुबह 6:45 (2 मार्च)
- मूल
- कृष्ण नवमी (28 फरवरी, रात 11:46 – 2 मार्च, रात 2:07)
कृष्ण दशमी (2 मार्च, रात 2:07 – 3 मार्च, सुबह 4:44) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- शुभ
बुधवार, 3 मार्च 2027
रात 1:06 – सुबह 6:43 (4 मार्च)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण एकादशी (3 मार्च, सुबह 4:44 – 4 मार्च, सुबह 7:24)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, बुधवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 4 मार्च 2027
सुबह 6:43 – रात 1:35 (5 मार्च)
- उत्तराषाढ़ा
- कृष्ण एकादशी (3 मार्च, सुबह 4:44 – 4 मार्च, सुबह 7:24)
कृष्ण द्वादशी (4 मार्च, सुबह 7:24 – 5 मार्च, सुबह 9:54) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
बुधवार, 10 मार्च 2027
सुबह 6:36 – सुबह 6:35 (11 मार्च)
- उत्तर भाद्रपदा, रेवती
- शुक्ल द्वितीया (9 मार्च, दोपहर 3:41 – 10 मार्च, दोपहर 3:53)
शुक्ल तृतीया (10 मार्च, दोपहर 3:53 – 11 मार्च, दोपहर 3:37) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, बुधवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 11 मार्च 2027
सुबह 6:35 – सुबह 11:20
- रेवती
- शुक्ल तृतीया (10 मार्च, दोपहर 3:53 – 11 मार्च, दोपहर 3:37)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
रविवार, 14 मार्च 2027
शाम 5:10 – सुबह 6:31 (15 मार्च)
- रोहिणी
- शुक्ल सप्तमी (14 मार्च, दोपहर 12:32 – 15 मार्च, सुबह 10:51)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध

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- 2 मार्च मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 5–8 मार्च चंद्रमा श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 9 मार्च मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 12–13 मार्च चंद्रमा अश्विनी, भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 15–31 मार्च खरमास (मीन राशि में सूर्य) मीन संक्रांति (15 मार्च 2027) से मेष संक्रांति (14 अप्रैल 2027) तक है।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त ग्रंथों के विवाह नियम, जिन्हें सगाई वहाँ तक मानती है जहाँ ग्रंथ और प्रकाशित सूचियाँ एकमत हैं — इस साइट की विवाह सूची वाले ही नक्षत्र, तिथियाँ, योग, करण और वर्जित अवधियाँ, नीचे लिखे दो अंतरों के साथ। कोई बड़ा पंचांग पूरे साल की गणना-आधारित सगाई सूची नहीं छापता, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं, किसी और की तारीखों से मिलाए नहीं गए।
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 11 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- योग और करण: मुहूर्त में ये 9 त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- चातुर्मास — चिह्नित, वर्जित नहीं: चातुर्मास (13 जुलाई 2027 – 9 नवंबर 2027) विवाह को बंद करता है। सगाई पर परंपराएँ अलग हैं: कुछ पंचांग इसे भी बंद रखते हैं, कुछ इसके भीतर की तारीखें देते हैं, और कई परिवार चातुर्मास में सगाई कर विवाह देवउठनी एकादशी के बाद रखते हैं। ये तारीखें सूची में चिह्नित होकर रहती हैं — 2027 में 21।
- रिक्ता तिथियाँ: चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी मान्य हैं, जैसे प्रकाशित विवाह सूचियाँ इन्हें मान्य रखती हैं, और चिह्नित हैं — 2027 की 25 तारीखों पर इनमें से कोई तिथि है।
- पितृ पक्ष: श्राद्ध का पखवाड़ा (15 सितंबर 2027 – 30 सितंबर 2027) चातुर्मास के भीतर पड़ता है; इसमें अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते, इसलिए इसकी तारीखों पर अलग चिह्न है — 2027 में 4।
- यह किस रस्म के लिए: अंगूठी की रस्म, रोका, तिलक या चुन्नी — जिस रस्म को परिवार सगाई मानता है, वही इस मुहूर्त में होती है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ — कुंडली मिलान, और दोनों की जन्म राशि से चंद्र और गुरु का बल — और रस्म के समय का लग्न। ये पंडित दोनों कुंडलियों से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या मार्च 2027 में सगाई मुहूर्त है?
हाँ, 6 दिन: 1, 3, 4, 10, 11 और 14 मार्च।
सोमवार, 1 मार्च 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
रात 11:11 – सुबह 6:45 (2 मार्च) — नई दिल्ली के समय अनुसार, मूल नक्षत्र में।
मार्च 2027 के बाद अगला सगाई मुहूर्त कब है?
रविवार, 18 अप्रैल 2027 को।