मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
जून 2026 में सगाई मुहूर्त
शुक्र, 19 जून
सुबह 10:07 – दोपहर 2:53
जून 2026 में सगाई के 9 शुभ मुहूर्त हैं: 19, 21, 22, 24, 25, 26, 27, 28 और 29 जून। पहला मुहूर्त शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह 10:07 – दोपहर 2:53 है।
उसके बाद: रवि, 21 जून · सुबह 9:31 – सुबह 11:21
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुबह 10:07 | ||||||
| सुबह 9:31 | सुबह 10:31 | दोपहर 1:59 | सुबह 5:24 | शाम 7:16 | सुबह 5:25 | |
| रात 1:09 | शाम 4:17 |
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य, चंद्रमा, गुरु और शुक्र की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि, योग और करण दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी।
- शुभ
शुक्रवार, 19 जून 2026
सुबह 10:07 – दोपहर 2:53
- मघा
- शुक्ल पंचमी (18 जून, शाम 6:59 – 19 जून, शाम 5:00)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
रविवार, 21 जून 2026
सुबह 9:31 – सुबह 11:21
- उत्तरा फाल्गुनी
- शुक्ल सप्तमी (20 जून, दोपहर 3:47 – 21 जून, दोपहर 3:21)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
- रिक्ता तिथि
सोमवार, 22 जून 2026
सुबह 10:31 – सुबह 5:24 (23 जून)
- हस्त
- शुक्ल अष्टमी (21 जून, दोपहर 3:21 – 22 जून, दोपहर 3:40)
शुक्ल नवमी (22 जून, दोपहर 3:40 – 23 जून, शाम 4:40) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- शुभ
बुधवार, 24 जून 2026
दोपहर 1:59 – सुबह 5:24 (25 जून)
- स्वाति
- शुक्ल दशमी (23 जून, शाम 4:40 – 24 जून, शाम 6:12)
शुक्ल एकादशी (24 जून, शाम 6:12 – 25 जून, रात 8:09) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, बुधवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
गुरुवार, 25 जून 2026
सुबह 5:24 – सुबह 7:08
- स्वाति
- शुक्ल एकादशी (24 जून, शाम 6:12 – 25 जून, रात 8:09)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
शुक्रवार, 26 जून 2026
शाम 7:16 – सुबह 5:25 (27 जून)
- अनुराधा
- शुक्ल द्वादशी (25 जून, रात 8:09 – 26 जून, रात 10:22)
शुक्ल त्रयोदशी (26 जून, रात 10:22 – 28 जून, रात 12:43) - विवाह के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार; योग और करण शुद्ध
- शुभ
शनिवार, 27 जून 2026
सुबह 5:25 – रात 10:11
- अनुराधा
- शुक्ल त्रयोदशी (26 जून, रात 10:22 – 28 जून, रात 12:43)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, शनिवार; योग और करण शुद्ध
- रिक्ता तिथि
रविवार, 28 जून 2026
रात 1:09 – रात 3:06 (29 जून)
- मूल
- शुक्ल चतुर्दशी (28 जून, रात 12:43 – 29 जून, रात 3:06)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, रविवार; योग और करण शुद्ध
रिक्ता तिथि — विवाह की तरह मान्य; कुछ परिवार इसे टालते हैं
- शुभ
सोमवार, 29 जून 2026
शाम 4:17 – सुबह 4:03 (30 जून)
- मूल
- पूर्णिमा (29 जून, रात 3:06 – 30 जून, सुबह 5:26)
- विवाह के नक्षत्र और तिथि, सोमवार; योग और करण शुद्ध

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- 1–15 जून अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- 16 जून मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 17–18 जून चंद्रमा पुनर्वसु, पुष्य और आश्लेषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी सगाई के 11 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 20 जून नक्षत्र और तिथि केवल त्याज्य योग वज्र में मिलते हैं।
- 23 जून मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- 30 जून मंगलवार — सगाई मंगलवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: मुहूर्त ग्रंथों के विवाह नियम, जिन्हें सगाई वहाँ तक मानती है जहाँ ग्रंथ और प्रकाशित सूचियाँ एकमत हैं — इस साइट की विवाह सूची वाले ही नक्षत्र, तिथियाँ, योग, करण और वर्जित अवधियाँ, नीचे लिखे दो अंतरों के साथ। कोई बड़ा पंचांग पूरे साल की गणना-आधारित सगाई सूची नहीं छापता, इसलिए नियम यहाँ पूरे लिखे हैं, किसी और की तारीखों से मिलाए नहीं गए।
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 11 में से किसी में हो — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
- तिथि: अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- योग और करण: मुहूर्त में ये 9 त्याज्य योग न हों — अतिगण्ड, गण्ड, परिघ, शूल, वैधृति, वज्र, विष्कम्भ, व्याघात और व्यतीपात — और न ये करण — चतुष्पाद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि।
- गुरु और शुक्र उदित हों: जब तक गुरु सूर्य से 11° के भीतर हो या शुक्र 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), वह ग्रह अस्त है और कोई मुहूर्त नहीं।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- चातुर्मास — चिह्नित, वर्जित नहीं: चातुर्मास (24 जुलाई 2026 – 20 नवंबर 2026) विवाह को बंद करता है। सगाई पर परंपराएँ अलग हैं: कुछ पंचांग इसे भी बंद रखते हैं, कुछ इसके भीतर की तारीखें देते हैं, और कई परिवार चातुर्मास में सगाई कर विवाह देवउठनी एकादशी के बाद रखते हैं। ये तारीखें सूची में चिह्नित होकर रहती हैं — 2026 में 39।
- रिक्ता तिथियाँ: चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी मान्य हैं, जैसे प्रकाशित विवाह सूचियाँ इन्हें मान्य रखती हैं, और चिह्नित हैं — 2026 की 24 तारीखों पर इनमें से कोई तिथि है।
- पितृ पक्ष: श्राद्ध का पखवाड़ा (26 सितंबर 2026 – 10 अक्टूबर 2026) चातुर्मास के भीतर पड़ता है; इसमें अधिकांश परिवार कोई शुभ कार्य नहीं करते, इसलिए इसकी तारीखों पर अलग चिह्न है — 2026 में 7।
- यह किस रस्म के लिए: अंगूठी की रस्म, रोका, तिलक या चुन्नी — जिस रस्म को परिवार सगाई मानता है, वही इस मुहूर्त में होती है।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: वर-वधू की अपनी कुंडलियाँ — कुंडली मिलान, और दोनों की जन्म राशि से चंद्र और गुरु का बल — और रस्म के समय का लग्न। ये पंडित दोनों कुंडलियों से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या जून 2026 में सगाई मुहूर्त है?
हाँ, 9 दिन: 19, 21, 22, 24, 25, 26, 27, 28 और 29 जून।
शुक्रवार, 19 जून 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 10:07 – दोपहर 2:53 — नई दिल्ली के समय अनुसार, मघा नक्षत्र में।
जून 2026 के बाद अगला सगाई मुहूर्त कब है?
बुधवार, 1 जुलाई 2026 को।