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मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली

जून 2027 में कर्णवेध मुहूर्त

जून 2027 · कर्णवेध मुहूर्त

4 तारीखें

बुध, 2 जून

सुबह 5:23 – दोपहर 12:16

जून 2027 में कर्णवेध के 4 शुभ मुहूर्त हैं: 2, 7, 14 और 24 जून। पहला मुहूर्त बुधवार, 2 जून 2027 को सुबह 5:23 – दोपहर 12:16 है।

उसके बाद: सोम, 7 जून · सुबह 5:22 – दोपहर 1:43

जून 2027 कर्णवेध मुहूर्त की तारीखें और समय

जून 2027 · 4 तारीखें
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
सुबह 5:23
सुबह 5:22
सुबह 5:22
सुबह 5:24

मुहूर्त

  • नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर मुहूर्त अपराह्न से पहले समाप्त होता है; हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी दिया है।
  1. बुधवार, 2 जून 2027

    सुबह 5:23 – दोपहर 12:16

    शुभ
    • अश्विनी
    • कृष्ण द्वादशी (1 जून, सुबह 9:40 – 2 जून, सुबह 8:29)
      कृष्ण त्रयोदशी (2 जून, सुबह 8:29 – 3 जून, सुबह 6:35)
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
  2. सोमवार, 7 जून 2027

    सुबह 5:22 – दोपहर 1:43

    शुभ
    • पुनर्वसु
    • शुक्ल तृतीया (6 जून, शाम 6:41 – 7 जून, दोपहर 3:26)
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
  3. सोमवार, 14 जून 2027

    सुबह 5:22 – दोपहर 1:45

    शुभ
    • चित्रा
    • शुक्ल एकादशी (14 जून, रात 2:12 – 15 जून, रात 2:08)
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
  4. गुरुवार, 24 जून 2027

    सुबह 5:24 – दोपहर 1:47

    शुभ
    • धनिष्ठा
    • कृष्ण पंचमी (23 जून, दोपहर 3:43 – 24 जून, शाम 6:10)
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले

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जून 2027 के बाकी दिनों में मुहूर्त क्यों नहीं

  • 1 जून मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 3–4 जून चंद्रमा भरणी, कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 5–6 जून शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 8 जून मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 9–11 जून चंद्रमा आश्लेषा, मघा और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 12–13 जून शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 15 जून मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 16 जून चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 17 जून शुभ नक्षत्र केवल शुक्ल चतुर्दशी में पड़ता है, जो कर्णवेध के लिए वर्जित है।
  • 18 जून चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 19–20 जून शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 21 जून चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 22 जून मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 23 जून शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्थी में पड़ता है, जो कर्णवेध के लिए वर्जित है।
  • 25 जून चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 26–27 जून शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 28 जून शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण नवमी में पड़ता है, जो कर्णवेध के लिए वर्जित है।
  • 29 जून मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 30 जून चंद्रमा भरणी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।

कर्णवेध मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: द्रिक पंचांग में लिखे कर्णवेध नियम, जो मुहूर्त चिंतामणि के संस्कार प्रकरण के अनुसार हैं। द्रिक बच्चे के जन्म विवरण से एक-एक दिन का उत्तर देता है और साल भर की सूची नहीं छापता, इसलिए यहाँ ये नियम साल के हर दिन पर लागू किए गए हैं और सूची इसी पेज की अपनी है।
  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (13 जुलाई 2027, दोपहर 12:09) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (9 नवंबर 2027, सुबह 7:35) तक।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार, शनिवार या रविवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 10 में से किसी में हो — अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती।
  • तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
  • अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • दिन में, अपराह्न से पहले: कान दिन के उजाले में और अपराह्न — दिन के पाँच भागों में से चौथे — से पहले छेदे जाते हैं; इसलिए यहाँ हर मुहूर्त मध्याह्न के अंत पर, यानी सूर्योदय से सूर्यास्त तक के तीन-पाँचवें भाग पर, समाप्त होता है।
  • उम्र — मार्गदर्शन, गणना नहीं: ग्रंथ जन्म के 10वें, 12वें या 16वें दिन, या छठे, सातवें या आठवें महीने का नियम देते हैं; पहले साल के बाद विषम वर्ष — तीसरा, पाँचवाँ। आजकल कई परिवार इसे मुंडन के साथ करते हैं। उम्र परंपरा से तय करें; दिन यह सूची बताती है।
  • पहले कौन सा कान: लड़के का पहले दायाँ, लड़की का पहले बायाँ।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: लग्न (गुरु या शुक्र की राशि का लग्न — वृषभ, तुला, धनु या मीन — उत्तम माना जाता है), बच्चे का चंद्र बल और तारा बल, और बच्चे का अपना जन्म मास और जन्म नक्षत्र, जो टाले जाते हैं। ये पंडित बच्चे के जन्म विवरण से जाँचते हैं।

कर्णवेध मुहूर्त 2027 — पूरे नियम और साल भर की सूची

सामान्य प्रश्न

क्या जून 2027 में कर्णवेध मुहूर्त है?

हाँ, 4 दिन: 2, 7, 14 और 24 जून।

बुधवार, 2 जून 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?

सुबह 5:23 – दोपहर 12:16 — नई दिल्ली के समय अनुसार, अश्विनी नक्षत्र में।

जून 2027 के बाद अगला कर्णवेध मुहूर्त कब है?

सोमवार, 5 जुलाई 2027 को।