मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
जुलाई 2026 में कर्णवेध मुहूर्त
गुरु, 2 जुलाई
सुबह 9:27 – दोपहर 1:48
जुलाई 2026 में कर्णवेध के 6 शुभ मुहूर्त हैं: 2, 3, 8, 9, 15 और 20 जुलाई। पहला मुहूर्त गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को सुबह 9:27 – दोपहर 1:48 है।
उसके बाद: शुक्र, 3 जुलाई · सुबह 5:27 – सुबह 11:20
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
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| सुबह 9:27 | सुबह 5:27 | |||||
| सुबह 5:29 | सुबह 10:38 | |||||
| सुबह 5:32 | ||||||
| सुबह 5:35 | ||||||
मुहूर्तवर्जित अवधि
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर मुहूर्त अपराह्न से पहले समाप्त होता है; हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी दिया है।
- शुभ
गुरुवार, 2 जुलाई 2026
सुबह 9:27 – दोपहर 1:48
- श्रवण
- कृष्ण द्वितीया (1 जुलाई, सुबह 7:38 – 2 जुलाई, सुबह 9:38)
कृष्ण तृतीया (2 जुलाई, सुबह 9:38 – 3 जुलाई, सुबह 11:20) - कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
शुक्रवार, 3 जुलाई 2026
सुबह 5:27 – सुबह 11:20
- श्रवण
- कृष्ण तृतीया (2 जुलाई, सुबह 9:38 – 3 जुलाई, सुबह 11:20)
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
बुधवार, 8 जुलाई 2026
सुबह 5:29 – दोपहर 12:22
- रेवती
- कृष्ण अष्टमी (7 जुलाई, दोपहर 1:25 – 8 जुलाई, दोपहर 12:22)
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 9 जुलाई 2026
सुबह 10:38 – दोपहर 1:49
- अश्विनी
- कृष्ण दशमी (9 जुलाई, सुबह 10:38 – 10 जुलाई, सुबह 8:16)
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
बुधवार, 15 जुलाई 2026
सुबह 5:32 – दोपहर 1:49
- पुष्य
- शुक्ल प्रतिपदा (14 जुलाई, दोपहर 3:13 – 15 जुलाई, सुबह 11:51)
शुक्ल द्वितीया (15 जुलाई, सुबह 11:51 – 16 जुलाई, सुबह 8:53) - कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
सोमवार, 20 जुलाई 2026
सुबह 5:35 – दोपहर 1:49
- हस्त
- शुक्ल सप्तमी (20 जुलाई, रात 3:30 – 21 जुलाई, सुबह 4:03)
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 जुलाई चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 4–5 जुलाई शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 6 जुलाई चंद्रमा पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 7 जुलाई मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 10 जुलाई चंद्रमा भरणी और कृत्तिका नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 11–12 जुलाई शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 13 जुलाई चंद्रमा आर्द्रा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 14 जुलाई मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 16–17 जुलाई चंद्रमा आश्लेषा और मघा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 18–19 जुलाई शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 21 जुलाई मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 22–23 जुलाई चंद्रमा स्वाति और विशाखा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 24–31 जुलाई चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।
- ये नियम कहाँ से: द्रिक पंचांग में लिखे कर्णवेध नियम, जो मुहूर्त चिंतामणि के संस्कार प्रकरण के अनुसार हैं। द्रिक बच्चे के जन्म विवरण से एक-एक दिन का उत्तर देता है और साल भर की सूची नहीं छापता, इसलिए यहाँ ये नियम साल के हर दिन पर लागू किए गए हैं और सूची इसी पेज की अपनी है।
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
- चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, सुबह 9:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, सुबह 7:16) तक।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार, शनिवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 10 में से किसी में हो — अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- दिन में, अपराह्न से पहले: कान दिन के उजाले में और अपराह्न — दिन के पाँच भागों में से चौथे — से पहले छेदे जाते हैं; इसलिए यहाँ हर मुहूर्त मध्याह्न के अंत पर, यानी सूर्योदय से सूर्यास्त तक के तीन-पाँचवें भाग पर, समाप्त होता है।
- उम्र — मार्गदर्शन, गणना नहीं: ग्रंथ जन्म के 10वें, 12वें या 16वें दिन, या छठे, सातवें या आठवें महीने का नियम देते हैं; पहले साल के बाद विषम वर्ष — तीसरा, पाँचवाँ। आजकल कई परिवार इसे मुंडन के साथ करते हैं। उम्र परंपरा से तय करें; दिन यह सूची बताती है।
- पहले कौन सा कान: लड़के का पहले दायाँ, लड़की का पहले बायाँ।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: लग्न (गुरु या शुक्र की राशि का लग्न — वृषभ, तुला, धनु या मीन — उत्तम माना जाता है), बच्चे का चंद्र बल और तारा बल, और बच्चे का अपना जन्म मास और जन्म नक्षत्र, जो टाले जाते हैं। ये पंडित बच्चे के जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या जुलाई 2026 में कर्णवेध मुहूर्त है?
हाँ, 6 दिन: 2, 3, 8, 9, 15 और 20 जुलाई।
गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 9:27 – दोपहर 1:48 — नई दिल्ली के समय अनुसार, श्रवण नक्षत्र में।
जुलाई 2026 के बाद अगला कर्णवेध मुहूर्त कब है?
गुरुवार, 26 नवंबर 2026 को।