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राशि मेल · वैदिक और पश्चिमी

कन्या और धनु राशि का मेल

  • पश्चिमी: स्क्वेयर (पृथ्वी और अग्नि)
  • भकूट 7/7
  • ग्रह मैत्री 0.5/5

कन्या और धनु राशि का मेल: कन्या और धनु दो द्विस्वभाव राशियाँ हैं जिनके दिमाग़ अलग हैं — कन्या बारीकी पढ़ती है, धनु पूरी तस्वीर — और साथ में बहुत सीखती हैं, अगर एक-दूसरे को उपदेश न दें। वैदिक गुण मिलान में, जहाँ राशि का अर्थ चंद्र राशि है, कन्या और धनु उन 12 अंकों में से 7.5 पाती हैं जो दो चंद्र राशियाँ तय करती हैं: भकूट 7 में से 7 (4-10 अक्ष) और ग्रह मैत्री 5 में से 0.5।

अपना मिलान देखें: कुंडली मिलान

कन्या और धनु का प्रेम

धनु कन्या के हुनर की प्रशंसा करती है; कन्या धनु की आशावादिता और हास्य का आनंद लेती है। दोनों को सीखना प्रिय है, और पढ़ाई, यात्रा और सिखाना साझा कर सकती हैं।

कन्या छोटी-छोटी परवाहों से प्यार जताती है: सजग, व्यावहारिक और खुद की आलोचक; सुधार करके प्यार दिखाती है।

धनु खुले हाथों से प्यार करती है: सच्ची, आशावादी और आज़ादी पसंद; बंधन उसे रास नहीं आता।

कन्या और धनु में टकराव कहाँ

कन्या को धनु लापरवाह और अति-आत्मविश्वासी लगती है; धनु को कन्या नुक़्ताचीं और चिंतित। धनु का खरापन और कन्या की टिप्पणियाँ दोनों ओर चुभती हैं, और धनु के बड़े वादे और कन्या की हर चीज़ की जाँच हर योजना को बहस बना सकते हैं।

कन्या और धनु का रिश्ता कैसे निभे

बारीकियों की योजना कन्या बनाए और दिशा धनु तय करे। आलोचना नरम और हास्य कोमल रखें, और एक-दूसरे के सीखने के ढंग का सम्मान करें।

वैदिक मिलान: भकूट और ग्रह मैत्री

गुण मिलान में दो चंद्र राशियाँ क्या तय करती हैं
कूटकन्या और धनु
चंद्र राशियाँकन्या (Virgo) और धनु (Sagittarius)
राशि स्वामीबुध और बृहस्पति
भकूट (7 में से)7 — 4-10 अक्ष
ग्रह मैत्री (5 में से)0.5
दोनों मिलाकर (12 में से)7.5

चंद्र राशियाँ एक-दूसरे से चौथी और दसवीं हैं: भकूट पूरे 7 अंक देता है।

कन्या का स्वामी बुध है और धनु का बृहस्पति। बुध बृहस्पति को सम मानता है, और बृहस्पति बुध को शत्रु: ग्रह मैत्री 5 में से 0.5 अंक देती है।

भकूट और ग्रह मैत्री वे दो कूट हैं जिन्हें चंद्र राशियाँ अकेले तय करती हैं, और जो किसी भी साथी को पहले गिनने पर एक जैसे रहते हैं। वर्ण और वश्य भी राशियाँ पढ़ते हैं पर इस पर निर्भर हैं कि वर कौन है; तारा, योनि, गण और नाड़ी के लिए दोनों के जन्म नक्षत्र चाहिए।

पश्चिमी पढ़ाई: तत्व और दृष्टि

तत्व
पृथ्वी और अग्नि
प्रकृति
द्विस्वभाव और द्विस्वभाव
दृष्टि
स्क्वेयर, 3 राशि की दूरी

अग्नि और पृथ्वी: तेज़ी बनाम धैर्य; धरती आग को सँभाल भी सकती है और बुझा भी सकती है।

दोनों द्विस्वभाव राशियाँ: लचीली और सहज, पर कभी-कभी कोई भी दिशा नहीं पकड़ता।

तीन राशि दूर (स्क्वेयर): एक ही प्रकृति के अलग तत्व, जो एक-दूसरे को धकेलते हैं — ऐसा घर्षण जो आगे भी बढ़ा सकता है।

राशियों का मेल दो राशियों के स्वभाव की बात करता है, दो लोगों की नहीं: इसे परंपरा की प्रवृत्तियाँ मानें, और दो असली कुंडलियों का मिलान कुंडली मिलान से करें।

वैदिक और पश्चिमी पढ़ाई कहाँ मिलती है

यहाँ दोनों अलग होती हैं। पश्चिमी ज्योतिष स्क्वेयर को घर्षण मानता है, जबकि वैदिक मिलान इसी 4-10 दूरी को भकूट के पूरे 7 अंक देता है।

वैदिक राशि निरयण पद्धति में चंद्रमा की राशि है; पश्चिमी राशि आम तौर पर सायन पद्धति में सूर्य की। आपकी दोनों राशियाँ अक्सर अलग होती हैं, इसलिए देख लें कि कौन-सी पढ़ाई आपकी है।

अपना मिलान देखें

दो राशियाँ बस शुरुआत हैं। आपका अपना मिलान दोनों की पूरी कुंडली पढ़ता है — गुण मिलान के सभी 36 अंक, मांगलिक दोष और सातवाँ भाव — इसलिए कन्या और धनु की कोई भी जोड़ी कितने भी अंक पा सकती है।

कन्या और धनु हर राशि के साथ

कन्या और धनु राशि का मेल: सामान्य प्रश्न

क्या कन्या और धनु राशि का मेल अच्छा है?

कन्या और धनु दो द्विस्वभाव राशियाँ हैं जिनके दिमाग़ अलग हैं — कन्या बारीकी पढ़ती है, धनु पूरी तस्वीर — और साथ में बहुत सीखती हैं, अगर एक-दूसरे को उपदेश न दें। वैदिक गुण मिलान में, जहाँ राशि का अर्थ चंद्र राशि है, कन्या और धनु उन 12 अंकों में से 7.5 पाती हैं जो दो चंद्र राशियाँ तय करती हैं: भकूट 7 में से 7 (4-10 अक्ष) और ग्रह मैत्री 5 में से 0.5। किसी जोड़े का अपना मिलान दोनों की जन्म कुंडली से होता है।

क्या कन्या और धनु राशि में भकूट दोष है?

नहीं। चंद्र राशियाँ एक-दूसरे से चौथी और दसवीं हैं: भकूट पूरे 7 अंक देता है। भकूट दोष तब बनता है जब चंद्र राशियाँ 2 और 12, 6 और 8, या 5 और 9 की दूरी पर हों।

कन्या और धनु राशि के कितने गुण मिलते हैं?

केवल दो राशियों से कोई ईमानदार कुल संख्या नहीं बनती। गुण मिलान के 36 अंकों में से 12 अकेले दो चंद्र राशियाँ तय करती हैं, और कन्या और धनु उनमें से 7.5 पाती हैं। बाकी 24 दोनों के जन्म नक्षत्र पर और, उनमें से 3, इस पर निर्भर हैं कि वर कौन है, इसलिए अपना कुल अंक कुंडली मिलान से जानें।

क्या मेरी पश्चिमी राशि और मेरी चंद्र राशि एक है?

अक्सर नहीं। पश्चिमी राशि आम तौर पर सायन पद्धति में सूर्य की राशि होती है; चंद्र राशि निरयण पद्धति में चंद्रमा की राशि है, और वैदिक मिलान चंद्र राशि पढ़ता है। राशि कैलकुलेटर आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से आपकी चंद्र राशि बताता है।