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नवग्रह बीज मंत्र

बीज मंत्र: ग्रह या राशि से खोजें

बीज मंत्र बीज अक्षरों से बना छोटा मंत्र है। नौ ग्रहों में हर एक का अपना बीज मंत्र है — सूर्य का ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः (Om Hraam Hreem Hraum Sah Suryaya Namah) — जिसे 40 दिनों में पारंपरिक संख्या तक जपा जाता है। कोई ग्रह चुनें, या अपनी राशि, और उसके स्वामी ग्रह का मंत्र उसकी जाप संख्या और रोज़ की मालाओं के साथ देखें।

बीज मंत्र खोजें

राशि का बीज मंत्र उस ग्रह का मंत्र है जो उस राशि का स्वामी है।

आपकी पसंद सहेजी नहीं जाती; उत्तर न कैश होता है, न सर्च में जाता है।

खोजक के बारे में

बीज मंत्र खोजक

  • नवग्रह के नौ बीज मंत्र, देवनागरी और रोमन में
  • हर मंत्र की पारंपरिक जाप संख्या और 40 दिन तक रोज़ की मालाएँ
  • आपकी राशि का मंत्र, उसके स्वामी ग्रह से
  • हर ग्रह के पूरे मंत्र पेज का लिंक

यहाँ के मंत्र वही हैं जो स्वर्ण सिद्धि ऐप का जाप काउंटर और साधना योजना इस्तेमाल करते हैं, इसलिए इस पेज की और ऐप की गिनती एक ही है।

नवग्रह के नौ बीज मंत्र

नौ ग्रहों में हर एक का एक बीज मंत्र है। कुल संख्या पारंपरिक जाप संख्या है, जो 40 दिन के एक मंडल में पूरी की जाती है; रोज़ का भार उस संख्या को 40 दिनों में बाँटकर, 108 की पूरी मालाओं तक बढ़ाया गया है।

नवग्रह के नौ बीज मंत्र
ग्रहबीज मंत्ररोमन लिपि मेंजाप संख्या और रोज़ का भारदिन
सूर्यॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमःOm Hraam Hreem Hraum Sah Suryaya Namah7,000; 40 दिन तक रोज़ 2 माला (216)रविवार
चंद्रॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमःOm Shraam Shreem Shraum Sah Chandraya Namah11,000; 40 दिन तक रोज़ 3 माला (324)सोमवार
मंगलॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमःOm Kraam Kreem Kraum Sah Bhaumaya Namah10,000; 40 दिन तक रोज़ 3 माला (324)मंगलवार
बुधॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमःOm Braam Breem Braum Sah Budhaya Namah9,000; 40 दिन तक रोज़ 3 माला (324)बुधवार
गुरुॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमःOm Graam Greem Graum Sah Gurave Namah19,000; 40 दिन तक रोज़ 5 माला (540)गुरुवार
शुक्रॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमःOm Draam Dreem Draum Sah Shukraya Namah16,000; 40 दिन तक रोज़ 4 माला (432)शुक्रवार
शनिॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमःOm Praam Preem Praum Sah Shanaischaraya Namah23,000; 40 दिन तक रोज़ 6 माला (648)शनिवार
राहुॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमःOm Bhraam Bhreem Bhraum Sah Rahave Namah18,000; 40 दिन तक रोज़ 5 माला (540)शनिवार
केतुॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमःOm Sraam Sreem Sraum Sah Ketave Namah17,000; 40 दिन तक रोज़ 4 माला (432)मंगलवार

राशि के अनुसार बीज मंत्र

राशि का बीज मंत्र उस ग्रह का मंत्र है जो उस राशि का स्वामी है। ज़्यादातर लोग अपनी चंद्र राशि लेते हैं; अगर आप लग्न से चलते हैं, तो यही तालिका अपने लग्न के लिए पढ़ें।

हर राशि का बीज मंत्र, उसके स्वामी ग्रह से
राशिस्वामी ग्रहबीज मंत्र
मेषमंगलॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
वृषभशुक्रॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
मिथुनबुधॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
कर्कचंद्रॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
सिंहसूर्यॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
कन्याबुधॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
तुलाशुक्रॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
वृश्चिकमंगलॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
धनुगुरुॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
मकरशनिॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
कुम्भशनिॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
मीनगुरुॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

देवी-देवताओं के बीज मंत्र

एक बीज अक्षर पर बने सबसे प्रसिद्ध देव मंत्र, जैसे मंत्र संग्रह उन्हें उनके स्रोतों के साथ छापता है।

  • गणेश: ॐ गं गणपतये नमः (Om Gam Ganapataye Namah)। बीज अक्षर गं। गणपति अथर्वशीर्ष, श्लोक 7, जहाँ बीज अक्षर 'गं' की व्याख्या है।
  • हनुमान: ॐ हं हनुमते नमः (Om Ham Hanumate Namah)। बीज अक्षर हं। हनुमान मंत्र-संग्रहों में मिलने वाला पारंपरिक बीज मंत्र; वेद या पुराण में इसका स्रोत नहीं।
  • दुर्गा: ॐ दुं दुर्गायै नमः (Om Dum Durgayai Namah)। बीज अक्षर दुं। पूजा-पद्धतियों में प्रयुक्त दुर्गा का पारंपरिक बीज मंत्र; कोई एक शास्त्रीय श्लोक-स्रोत नहीं।
  • लक्ष्मी: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः (Om Shrim Mahalakshmyai Namah)। बीज अक्षर श्रीं। महालक्ष्मी का पारंपरिक बीज मंत्र; यही शब्द लक्ष्मीनारायण संहिता में भी मिलते हैं।
  • सरस्वती: ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः (Om Aim Sarasvatyai Namah)। बीज अक्षर ऐं। सरस्वती का पारंपरिक बीज मंत्र, जिनका बीज अक्षर 'ऐं' है; वेद में स्रोत नहीं।

बीज मंत्र क्या है

बीज अक्षर ह्रां, गं या श्रीं जैसा एक अक्षर होता है। यह शब्दकोश के अर्थ वाला शब्द नहीं; परंपरा इसे किसी देवता का ध्वनि-रूप मानती है। हर ग्रह मंत्र एक ही ढाँचे पर चलता है: ॐ, तीन बीज अक्षर, सः, फिर ग्रह के नाम से नमस्कार — सूर्य के लिए ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।

बीज मंत्र का जप कैसे करें

  1. स्नान के बाद पूर्व की ओर मुँह करके बैठें, हो सके तो सूर्योदय के बाद।
  2. ग्रह के दिन जपें, और हो सके तो उसकी होरा में — ग्रह होरा पेज पर आपके शहर की आज की होरा है।
  3. 108 मनकों की माला के हर मनके पर मंत्र एक बार बोलें; सुमेरु पर माला को पलट दें, उसे लाँघें नहीं। जाप काउंटर आपके फ़ोन पर गिनती रखता है।
  4. एक दिन बहुत ज़्यादा जपने के बजाय 40 दिन तक रोज़ का भार एक-सा रखें।

मंत्र जप ध्यान का अभ्यास है। यह डॉक्टर, कानूनी या आर्थिक सहायता की जगह नहीं लेता।

बीज मंत्र — सामान्य प्रश्न

बीज मंत्र क्या होता है?

बीज अक्षरों से बना छोटा मंत्र। बीज अक्षर एक-एक अक्षर होते हैं, जिन्हें परंपरा किसी देवता का ध्वनि-रूप मानती है। नौ ग्रहों में हर एक का अपना बीज मंत्र है, और कुछ देवताओं के भी, जैसे गणेश जी का ॐ गं गणपतये नमः।

मेरी राशि के लिए कौन-सा बीज मंत्र जपें?

आपकी राशि के स्वामी ग्रह का बीज मंत्र: मेष और वृश्चिक के लिए मंगल, वृषभ और तुला के लिए शुक्र, मिथुन और कन्या के लिए बुध, कर्क के लिए चंद्र, सिंह के लिए सूर्य, धनु और मीन के लिए गुरु, और मकर और कुम्भ के लिए शनि।

बीज मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

हर मंत्र की एक पारंपरिक संख्या है, जो 40 दिनों में पूरी की जाती है। शनि की संख्या 23,000 है, यानी 40 दिन तक रोज़ 6 माला (648 जप)। खोजक हर ग्रह की कुल संख्या और रोज़ का भार दिखाता है।

चंद्र राशि लूँ या लग्न?

राशि से ज़्यादातर लोगों का मतलब चंद्र राशि होता है, और वही आम चुनाव है। कुछ ज्योतिषी लग्न लेते हैं; राशि से ग्रह की तालिका दोनों में एक ही है।

क्या कोई भी नवग्रह बीज मंत्र जप सकता है?

ये मंत्र खुले रूप से छपे हैं और आम तौर पर बिना दीक्षा के जपे जाते हैं, हालाँकि कुछ परंपराएँ इन्हें गुरु से लेना पसंद करती हैं। जप ध्यान का अभ्यास है, डॉक्टर, कानूनी या आर्थिक सहायता की जगह नहीं।

क्या गणेश, हनुमान या लक्ष्मी का बीज मंत्र है?

हाँ: गणेश का ॐ गं गणपतये नमः, हनुमान का ॐ हं हनुमते नमः, दुर्गा का ॐ दुं दुर्गायै नमः, लक्ष्मी का ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः, सरस्वती का ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः — हर एक इस पेज पर अपने स्रोत के साथ।